- लोकप्रिय धारावाहिक रामानंद सागर की रामायण के रावण के बारे में
आज हम ऐसे कलाकार के बारे में बताने वाले हैं जिसका जन्म उज्जैन में हुआ और उसकी जे गुजरात से जुड़ी हुई थी हां रामायण के रावण उर्फ अरविंद त्रिवेदी जी के बारे में बताने वाला हूं उनके गांव के बारे में जिक्र करूंगा कैसे एक रंग मंच कलाकार को रावण का किरदार मिला इसके पीछे की जो कहानी है वह भी मैं आज जिक्र करूंगा और इनका गांव कहां पर है गुजरात में वह भी में बताने वाला हूं
- फिल्मीकरियर
रामानंद सागर की धारावाहिक रामायण से इनको एक अलग पहचान मिली इन्होंने रावण के किरदार को जीवित कर दिया अगर रावण का जिक्र आता है तो अरविंद त्रिवेदी की फोटो आंखों के सामने आ जाती है इनका जन्म उज्जैन 8 नवंबर 1938 को हुआ इन्होंने गुजराती 300 से ज्यादा नाटकों में काम किया रामायण के अलावा विक्रम बेताल में इन्होंने काम किया था
- राजनीतिक जीवन
1991 में बीजेपी से टिकट लेकर इन्होंने चुनाव लड़ा और चुनाव जीते भी गुजरात के सांभरकांटा से सांसद रह चुके हैं
- उनके गांव के बारे में हम आपको बता दें इनका गांव का नाम कुकड़िया जिला खेड़ा गुजरात में है
इन्होंने अपने किरदार के दम पर एक्टिंग की बदौलत रामायण में रावण का ऐसा किरदार किया कि लोग सचमुच का रावण ने मानने लगे थे लेकिन असल जीवन में बहुत ही नेक इंसान थे जब मैं गांव वालों से बात की तो उन्होंने बताया कि वह शिव जी के असल में भी भक्त थे अपने गांव में इन्होंने शिवजी का मंदिर भी बनवाया था हालांकि वह मंदिर पुराना था लेकिन उसका उन्होंने न्यू डेकोरेशन किया था रोज शिवजी की पूजा करने जाया करते थे
लंबी बीमारी के चलते 5 अक्टूबर 2021 को मुंबई में इनका निधन हो गया उनके किरदार हमारे बीच हमेशा जीवित रहेंगे
अरविंद त्रिवेदी का पुराना घर
अरविंद त्रिवेदी का नया घर
