सिनेमा जगत की हसीन कलाकार दिव्या भारती के बारे में कौन ही नहीं जानता होगा दिव्या भारती ने कम उम्र में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया था कि आज के बॉलीवुड सालों साल में वह मुकाम हासिल ना कर पाए आज हम दिव्या भारती की वह कहानी बताने वाले हैं जो 5 अप्रैल 1993 की रात को घटित हुई थी 5 अप्रैल की रात को दिव्या भारती ने मुंबई में एक नई जगह पर अपना अपार्टमेंट खरीदा था और उसकी खुशी में पार्टी मानने वाली थी या मान सकते हो बहुत खुश थी आपको बता देते हैं उसी रात को सुबह में वह हैदराबाद से किसी फिल्म की शूटिंग करके लौटी थी लौटना इस वजह से पड़ा कि उन्हें कुछ पेपर पर साइन करना था उसे अपार्टमेंट को खरीदने के लिए फिर उसी रात वर्सोवा स्थित तुलसी अपार्टमेंट में वो मौजूद थी आपको बता दे उनके साथ में उनकी कॉस्टयूम डिजाइनर और उनके हस्बैंड उनके साथ में मौजूद थे क्वेश्चन डिजायर का नाम नीता लुल्ला और श्याम लुल्ला मौजूद थे और उनकी मेट भी मौजूद थी जो खाना बनाने वाली थी और दिव्या भारती उसे रात सिर्फ चार लोग मौजूद थे तुलसी अपार्टमेंट में उनकी क्वेश्चन डिजाइनर उनके पति के मुताबिक कि हम लोग टीवी देख रहे थे और दिव्या भारती ड्रिंक कर रही थी और ड्रिंक करते-करते वह अपने बालकनी की खिड़की पर जा बैठी और बालकनी की खिड़की से गिरने के कारण उनकी मौत हुई ऐसा भी बताते हैं कि वह नशे की हालत में खिड़की पर बैठने की कोशिश की और वह लड़खड़ाई नीचे जा गिरी जो अंदर बैठे लोग थे उन्हें जब नीचे गिरने की आवाज आई तो उन लोगों को यह पता चला कि दिव्या भारती नीचे जा गिरी है उन्हें आनंद-खनन पास के कूपर हॉस्पिटल ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित करार दिया
- दिव्या भारती की मौत हुई थी या हत्या हुई थी या दुर्घटना
लोगों का यहां तक मानना है कि दिव्या भारती की मौत बल्कि मौत नहीं थी बल्कि किसी बड़े एक्टर या किसी गैंग का हाथ था बहुत सारी चीज जोड़ी गई बहुत सारी कड़िया जोड़ी गई लेकिन मुंबई पुलिस ने 1947 में यह फाइल बंद कर दी मीडिया रिपोर्ट की माने कि जब वह खिड़की पर बैठी थी जो खिड़की में इस टॉपर लगा रहता है जैसे ही खिड़की खुलती है और स्टॉपर अपने आप से खिड़की को बंद कर देता है वह स्टॉपर भी नहीं था और नीचे पार्किंग में गाड़ियां भी नहीं थी उनके चाहने वालों ने हत्या भी बताया साजिश भी बताई कई बॉलीवुड के कलाकारों से भी नाम जोड़ा गया लेकिन अंततः मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या करार देकर यह फाइल हमेशा हमेशा के लिए बंद कर दी
- दिव्या भारती का पैतृक घर और परिवार कहां का था
आपको बता दे चले दिव्या भारती के पैतृक घर सहारनपुर में है जो कि उत्तर प्रदेश का एक जिला है आज भी उनके परिवार के लोग सहारनपुर में रहते हैं बचपन में ही दिव्या भारती मुंबई चली गई थी अपने माता-पिता के साथ में उनका इतिहास उत्तर प्रदेश से जुड़ा हुआ है
- दिव्या भारती का फिल्मी करियर
दिव्या भारती ने महज 18 साल की उम्र में कई सारी फिल्मों को साइन कर लिया था और कई सुपरहिट फिल्में बॉलीवुड को उन्होंने दे दी थी हम आपको बता देते हैं विश्वात्मा का गाना सात समंदर पार मैं तेरे पीछे-पीछे आ गई यह गाना बेहद ही सुप्रसिद्ध हुआ इस गाने से अलग ही पहचान मिली उनकी कुछ सुपरहिट फिल्मों के बारे में आपको बता देते हैं शोला और शबनम की गीत, दिल का क्या कसूर, दीवाना, विश्वात्मा और भी कई फिल्में थी इन्होंने मरने से पहले कई फिल्में साइन कर रखी थी दिलवाले दिलजले और लाडला लाडला की शूटिंग लगभग 80% हो चुकी थी इस दौरान हादसा घटित हो गया रंग फिल्म को कौन नहीं भूल सकता है जो उनके मरने के बाद में रिलीज हुई उसका गाना एक बिहारी सुपरहिट था जो की समीर अंजान ने लिखा था तुझे ना देखूं तो चैन मुझे आता नहीं है कहीं मुझे प्यार हुआ तो नहीं है एक छोटा सा दिव्या भारती का कैरियर था और इस करियर में उन्होंने लाखों दिलों में अपनी छाप छोड़ी
